अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। दानपात्र से नकदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के गायब होने के आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने जांच तेज कर दी है। मामले में अब कई अहम नाम सामने आने लगे हैं और जांच एजेंसियां हर पहलू की गहन पड़ताल कर रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की है। जांच के दौरान ट्रस्ट पदाधिकारी अनिल मिश्रा, महासचिव चंपत राय, उनके ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और गोपाल राव से भी सवाल-जवाब किए गए हैं।
पूछताछ में सामने आए नए नाम
जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, टिन्नू यादव ने दान की गिनती और प्रबंधन प्रक्रिया को लेकर पूछताछ में अनिल मिश्रा और गोपाल राव का नाम लिया है। हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी तक किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला है।
सूत्रों का कहना है कि जांच टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि मंदिर में प्राप्त नकद दान और बहुमूल्य आभूषणों के रिकॉर्ड, रखरखाव और प्रबंधन में कहीं कोई अनियमितता तो नहीं हुई। इसके साथ ही निर्धारित प्रक्रियाओं और निगरानी व्यवस्था के पालन की भी जांच की जा रही है।
दान और आभूषणों के रिकॉर्ड की हो रही जांच
एसआईटी का फोकस केवल नकदी तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां दान में मिले सोने-चांदी के आभूषणों और अन्य कीमती वस्तुओं के रिकॉर्ड का भी मिलान कर रही हैं। अधिकारियों को आशंका है कि चढ़ावे के प्रबंधन और दस्तावेजीकरण में कुछ विसंगतियां हो सकती हैं।
इसके अलावा, मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कार्यों में लगे कर्मचारियों की नियुक्ति, जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की जा रही है। जांच टीम यह भी देख रही है कि कहीं निगरानी तंत्र में कोई कमजोरी तो नहीं रही, जिससे कथित अनियमितताओं की गुंजाइश बनी हो।
पूर्व लेखाकार की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
यह पूरा मामला तब सामने आया जब राम मंदिर के पूर्व लेखाकार महिपाल सिंह ने चढ़ावे के प्रबंधन में वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग की। शिकायत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी का गठन किया।
जांच के शुरुआती चरण में टीम ने राम मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान दानपात्रों, नकदी गिनने की प्रक्रिया और धनराशि के भंडारण की व्यवस्था का विस्तृत परीक्षण किया गया। सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां और दस्तावेज मिले हैं, जिनकी अब विस्तार से जांच की जा रही है।
SIT में शामिल हैं ये अधिकारी
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच के लिए गठित एसआईटी में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है। जांच दल में लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज किरण एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नीलरतन शामिल हैं।
फिलहाल जांच जारी है और अधिकारियों ने अभी तक किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या वित्तीय अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।







