MCX Gold Silver Rates: जुलाई के पहले कारोबारी दिन यानी 1 जुलाई 2026 को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। मजबूत अमेरिकी डॉलर, बढ़ती ट्रेजरी यील्ड और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरें बढ़ने की संभावनाओं ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा दिया है। इसके चलते सोना और चांदी दोनों में तेज बिकवाली दर्ज की गई।
MCX पर आज क्या रहे सोना-चांदी के भाव?
बुधवार सुबह एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 0.86% की गिरावट के साथ 1,41,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। वहीं सितंबर डिलीवरी वाली चांदी 2.06% टूटकर 2,23,850 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
ऑल टाइम हाई से कितना सस्ता हुआ सोना और चांदी?
एमसीएक्स के आंकड़ों के मुताबिक, 29 जनवरी 2026 को सोना 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था। मौजूदा कीमत के हिसाब से अब सोना अपने उच्चतम स्तर से 51,796 रुपये सस्ता हो चुका है। वहीं चांदी का ऑल टाइम हाई 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम रहा है। मौजूदा भाव के मुकाबले चांदी 1,96,198 रुपये तक टूट चुकी है।
जून में क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
जून महीने के दौरान सोना और चांदी दोनों में भारी कमजोरी देखने को मिली। इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिका में लगातार ऊंची महंगाई और फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका रही। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भी निवेशकों का सुरक्षित निवेश यानी गोल्ड की ओर रुझान घटा।
जून में सोना और चांदी कितनी सस्ती हुई?
एमसीएक्स के अनुसार, जून महीने में घरेलू स्पॉट गोल्ड करीब 15,100 रुपये (लगभग 10%) गिरकर 1,40,864 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमत में इससे भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। जून के दौरान चांदी 38,250 रुपये (करीब 15%) टूटकर 2,25,125 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की बड़ी कमजोरी
वैश्विक बाजार में भी सोना लगातार दबाव में बना हुआ है। जून के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड की कीमतों में 12.7% की गिरावट दर्ज की गई, जो 2008 के बाद किसी एक महीने की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। यह लगातार चौथा महीना है जब सोना कमजोरी के साथ बंद हुआ। वहीं मौजूदा तिमाही की गिरावट 2013 के बाद सबसे तेज रही है।
क्या अभी सोना-चांदी खरीदना सही रहेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि सोना और चांदी में आई मौजूदा गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर साबित हो सकती है। हालांकि, अमेरिकी फेड की अगली मौद्रिक नीति, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर नजर रखना जरूरी होगा। यदि ब्याज दरों में और बढ़ोतरी होती है तो कीमती धातुओं में दबाव कुछ समय तक बना रह सकता है।