कर्नाटक विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। कांग्रेस ने पांच सीटों पर शानदार जीत दर्ज करते हुए भाजपा-जेडीएस गठबंधन (NDA) को बड़ा झटका दिया है। चुनाव परिणामों के बाद विपक्षी खेमे में क्रॉस वोटिंग को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
सबसे ज्यादा चर्चा कांग्रेस उम्मीदवार विनय कार्तिक की जीत को लेकर हो रही है, जिन्हें उम्मीद से कहीं अधिक वोट मिले। इसके बाद भाजपा और जेडीएस दोनों दलों में भीतरघात की आशंका गहरा गई है।
कांग्रेस को मिले उम्मीद से ज्यादा वोट
कांग्रेस उम्मीदवार विनय कार्तिक को कुल 32 वोट मिले, जो जीत के लिए आवश्यक कोटे से काफी अधिक थे। राजनीतिक समीकरणों के अनुसार कांग्रेस के पास इतने वोट नहीं थे, जिससे यह माना जा रहा है कि भाजपा और जेडीएस के कुछ विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर कांग्रेस का समर्थन किया। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि करीब 12 विधायकों ने NDA गठबंधन के खिलाफ मतदान किया हो सकता है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है क्योंकि मतदान प्रक्रिया गुप्त थी।
BJP और JDS एक-दूसरे पर लगा रहे आरोप
चुनाव परिणाम सामने आने के बाद भाजपा और जेडीएस नेताओं के बीच आरोपों का दौर शुरू हो गया। भाजपा नेताओं का दावा है कि उनके केवल तीन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जबकि जेडीएस के कम से कम आठ विधायकों ने कांग्रेस का समर्थन किया। दूसरी ओर जेडीएस नेताओं ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा के विधायकों की वजह से कांग्रेस को अतिरिक्त वोट मिले हैं। इस विवाद ने दोनों सहयोगी दलों के बीच भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कई बड़े नेता जांच के घेरे में
क्रॉस वोटिंग की आशंका के बाद कुछ वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में आ गए हैं। इनमें जेडीएस के जीटी देवगौड़ा और एमआर मंजूनाथ के अलावा भाजपा के रमेश जारकीहोली, बीपी हरीश, एम चंद्रप्पा और एचके सुरेश शामिल हैं। हालांकि सभी नेताओं ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है और किसी भी तरह की क्रॉस वोटिंग से इनकार किया है।
गुप्त मतदान बना जांच में सबसे बड़ी चुनौती
विधान परिषद चुनाव में गुप्त मतदान प्रणाली लागू होने के कारण यह पता लगाना मुश्किल है कि किस विधायक ने किस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। यही वजह है कि NDA नेतृत्व को क्रॉस वोटिंग के संकेत तो मिल रहे हैं, लेकिन दोषियों की पहचान करना आसान नहीं है। इस स्थिति ने गठबंधन के भीतर अविश्वास को और बढ़ा दिया है।
BJP ने कार्रवाई के संकेत दिए
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष B. Y. Vijayendra ने कहा कि पार्टी कथित गद्दारों की पहचान करने का प्रयास करेगी और जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। वहीं H. D. Kumaraswamy ने इस पूरे विवाद पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
DK शिवकुमार ने क्या कहा?
कांग्रेस की जीत के बाद उपमुख्यमंत्री D. K. Shivakumar उत्साहित नजर आए। उन्होंने इसे अपनी महत्वपूर्ण चुनावी सफलता बताया, लेकिन क्रॉस वोटिंग के सवाल पर कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि किसने किसे वोट दिया।
NDA के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह नतीजा?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम भाजपा और जेडीएस दोनों के लिए चेतावनी की तरह है। जेडीएस पहले से ही संगठनात्मक चुनौतियों का सामना कर रही है, जबकि भाजपा में भी नेतृत्व को लेकर असंतोष की चर्चा समय-समय पर सामने आती रही है। ऐसे में MLC चुनाव के नतीजे आने वाले दिनों में NDA के भीतर नई राजनीतिक हलचल और रणनीतिक बदलावों का कारण बन सकते हैं।

